राजकीय प्राथमिक विद्यालय मटीलाधूरा में भारतीय भाषा समर कैंप के द्वितीय दिवस पर कला, संस्कृति और रचनात्मकता का रंगारंग उत्सव, बच्चों ने सीखी फायरलेस कुकिंग, बनाए स्वादिष्ट सैंडविच ।


                                    

आज दिनांक 28 मई 2026 को राजकीय प्राथमिक विद्यालय मटीलाधूरा, विकासखंड ताड़ीखेत, जिला अल्मोड़ा में आयोजित भारतीय भाषा समर कैंप के द्वितीय दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। “कला, संगीत एवं संस्कृति दिवस” के रूप में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने सीखने को आनंदमय अनुभव में बदलते हुए विविध गतिविधियों में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।



नई शिक्षा नीति 2020, गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity Based Learning), अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) तथा समावेशी एवं बहुभाषिक शिक्षा की अवधारणा को केंद्र में रखते हुए विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु अनेक रचनात्मक एवं व्यवहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय लोकगीतों एवं समूह नृत्य से हुई। विद्यार्थियों ने पारंपरिक लोकधुनों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर विद्यालय परिसर को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। “एक राज्य–एक संस्कृति” गतिविधि के अंतर्गत बच्चों ने विभिन्न राज्यों की वेशभूषा, भोजन, भाषा एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में रोचक जानकारी प्राप्त की। इस गतिविधि ने बच्चों में भारत की विविधता में एकता की भावना को मजबूत किया। 

दिवस के दौरान पेंटिंग एवं रचनात्मक कला गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति एवं भावनाओं को सुंदर रूप में अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों ने समूहों में मिलकर पोस्टर, चित्र एवं कलात्मक प्रस्तुतियाँ तैयार कीं। साथ ही स्थानीय वाद्य यंत्रों का परिचय देकर बच्चों को भारतीय लोकसंगीत एवं पारंपरिक कला से जोड़ने का प्रयास किया गया।


विशेष आकर्षण के रूप में “Waste Material Craft” गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी एवं आकर्षक शैक्षिक सामग्री तैयार की। इस गतिविधि ने बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, पुनर्चक्रण (Recycling) एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त मिट्टी कला एवं कठपुतली निर्माण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक क्षमता एवं हस्तकौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।




भारतीय भाषा समर कैंप की गतिविधियों के साथ-साथ आज बच्चों को अतिरिक्त नवाचारी गतिविधि के रूप में “फायरलेस कुकिंग” के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने ब्रेड से स्वादिष्ट सैंडविच बनाना सीखा। बच्चों को स्वच्छता, पोषण, संतुलित आहार एवं सुरक्षित भोजन निर्माण की जानकारी देते हुए उन्हें व्यवहारिक रूप से सैंडविच तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं आनंद के साथ स्वयं सैंडविच तैयार किए तथा सहयोगात्मक रूप से कार्य करते हुए टीमवर्क की भावना का भी प्रदर्शन किया। यह गतिविधि बच्चों के लिए सीखने के साथ-साथ आनंद एवं आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक अनुभव बनी।





विद्यालय के प्रधानाचार्य भास्कर जोशी ने कहा कि “भारतीय भाषा समर कैंप बच्चों को केवल भाषाई ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों के भीतर रचनात्मकता, नवाचार, आत्मविश्वास एवं व्यवहारिक कौशल का विकास करना है। आगामी दिनों में भी बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, विज्ञान प्रयोग, जीवन कौशल एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए सीखने का आनंदमय वातावरण प्रदान किया जाएगा।”





विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में सामाजिक, सांस्कृतिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास को सुदृढ़ करती हैं। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह, जिज्ञासा, टीमवर्क एवं सीखने के प्रति विशेष रुचि स्पष्ट रूप से देखने को मिली।





भारतीय भाषा समर कैंप का द्वितीय दिवस बच्चों के लिए कला, संस्कृति, रचनात्मकता, व्यवहारिक शिक्षण एवं जीवन कौशल का प्रेरणादायक और अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।
 


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