राजकीय प्राथमिक विद्यालय मटीलाधूरा में भारतीय भाषा समर कैंप के तृतीय दिवस पर देशभक्ति, विज्ञान एवं नवाचार का अद्भुत संगम बच्चों ने सैनिकों को लिखे प्रेरणादायक पत्र, AI आधारित रोवर एवं स्मार्ट सिंचाई प्रणाली का किया निर्माण ।



आज दिनांक 29 मई 2026 को , विकासखंड ताड़ीखेत, जिला अल्मोड़ा में आयोजित भारतीय भाषा समर कैंप के तृतीय दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, देशभक्ति, रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक नवाचार के वातावरण में संपन्न हुआ। “वीरगाथा, विज्ञान एवं नवाचार दिवस” के रूप में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बच्चों ने भाषा, तकनीक एवं राष्ट्रप्रेम का अनूठा समन्वय प्रस्तुत किया।


नई शिक्षा नीति 2020, गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity Based Learning), अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) तथा कौशल आधारित शिक्षा की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विविध प्रेरणादायक एवं नवाचारी गतिविधियों का आयोजन किया गया।



कार्यक्रम की शुरुआत वीरगाथाओं एवं देशभक्ति आधारित गतिविधियों से हुई। विद्यार्थियों को भारतीय सैनिकों के साहस, त्याग एवं राष्ट्रसेवा से संबंधित प्रेरणादायक प्रसंगों से परिचित कराया गया। बच्चों ने सैनिकों के सम्मान एवं उत्साहवर्धन हेतु भावनात्मक एवं प्रेरणादायक पत्र लिखे। इन पत्रों में विद्यार्थियों ने देश के वीर जवानों के प्रति अपना सम्मान, आभार एवं प्रेम व्यक्त किया। बच्चों द्वारा लिखे गए पत्रों में देशभक्ति, संवेदनशीलता एवं राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।



इसके साथ-साथ बच्चों को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों से जोड़ने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन में AI की सहायता से एक “रोवर मॉडल” का निर्माण किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को रोबोटिक्स, स्वचालन (Automation) एवं भविष्य की तकनीकों की प्रारंभिक जानकारी प्रदान की गई। बच्चों ने अत्यंत उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ रोवर के कार्य करने की प्रक्रिया को समझा और स्वयं मॉडल निर्माण में सहभागिता की।



विशेष आकर्षण के रूप में विद्यार्थियों ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी एक नवाचारी परियोजना “ऑटोमेटिक प्लांट वाटरिंग सिस्टम” का भी निर्माण किया। इस मॉडल के माध्यम से बच्चों को स्मार्ट कृषि, जल संरक्षण एवं तकनीक आधारित खेती के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने समझा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करके पौधों को आवश्यकता अनुसार स्वचालित रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इस गतिविधि ने बच्चों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान क्षमता एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया।






दिवस के दौरान बच्चों ने समूह चर्चा, रचनात्मक प्रस्तुति एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यालय परिसर पूरे दिन देशभक्ति, विज्ञान एवं रचनात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।


विद्यालय के प्रधानाध्यापक कहा कि “भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को केवल भाषाई ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें भविष्य की तकनीकों, वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना भी है। आज बच्चों द्वारा सैनिकों के लिए पत्र लेखन, AI आधारित रोवर निर्माण एवं स्मार्ट कृषि मॉडल तैयार करना इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी अवसर मिलने पर अद्भुत रचनात्मकता एवं नवाचार क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं।”



विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, देशभक्ति, रचनात्मकता एवं व्यवहारिक कौशल का विकास करती हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में सीखने के प्रति उत्साह, सहयोग एवं नवाचार की विशेष भावना देखने को मिली।




भारतीय भाषा समर कैंप का तृतीय दिवस बच्चों के लिए देशभक्ति, विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार से जुड़ा प्रेरणादायक एवं अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध हुआ।


 

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