आज दिनांक 27 मई 2026 को , विकासखंड ताड़ीखेत, जिला अल्मोड़ा में भारतीय भाषा समर कैंप के प्रथम दिवस का सफल एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। “भाषा, अभिव्यक्ति एवं रचनात्मकता” पर आधारित इस विशेष आयोजन में बच्चों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
नई शिक्षा नीति 2020, गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity Based Learning), अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) तथा समावेशी शिक्षा की भावना को आत्मसात करते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भाषा कौशल, आत्मविश्वास, रचनात्मकता, संवाद क्षमता एवं सामाजिक सहभागिता का विकास करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत परिचय सत्र से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी मातृभाषा एवं हिंदी भाषा में स्वयं का परिचय दिया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में भाषाई अभिव्यक्ति, मंच संचालन क्षमता एवं आत्मविश्वास को प्रोत्साहन मिला। विद्यालय द्वारा भारत सरकार एवं राज्य सरकार की शिक्षण नीतियों के अनुरूप बहुभाषिक शिक्षा तथा बालकेन्द्रित शिक्षण पद्धति को विशेष महत्व दिया गया।
प्रथम दिवस का प्रमुख आकर्षण बच्चों द्वारा निर्मित “दीवार पत्रिका” (Wall Magazine) रही। विद्यार्थियों ने समूहों में कार्य करते हुए चित्र, शब्द, स्थानीय भाषा के वाक्य, प्रेरक संदेश तथा रचनात्मक विचारों को दीवार पत्रिका में स्थान दिया। इस गतिविधि ने बच्चों में लेखन कौशल, कलात्मक अभिव्यक्ति, सहयोगात्मक अधिगम एवं नवाचार की भावना को विकसित किया।
इसके अतिरिक्त सॉफ्ट टॉयज एवं कठपुतलियों के माध्यम से रोचक कहानी सत्र का आयोजन किया गया। बच्चों ने कहानियाँ सुनने के साथ-साथ स्वयं नई कहानियों का निर्माण भी किया। कठपुतली आधारित शिक्षण गतिविधि ने बच्चों को आनंदमय वातावरण में सीखने का अवसर प्रदान किया तथा भाषा, संवाद, कल्पनाशक्ति एवं रचनात्मक चिंतन को बढ़ावा दिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न पात्रों की आवाज़, संवाद शैली एवं भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक भास्कर जोशी ने ने कहा कि “भारतीय भाषा समर कैंप केवल भाषा शिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन सात दिनों में बच्चों के समग्र विकास हेतु अनेक नवाचारी एवं कौशल आधारित गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। बच्चों को भारतीय भाषा समर कैंप की गतिविधियों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, फायरलेस कुकिंग, विज्ञान प्रयोग, रचनात्मक कला एवं जीवन कौशल जैसी गतिविधियों से भी परिचित कराया जाएगा, जिससे बच्चे आधुनिक तकनीक एवं व्यवहारिक ज्ञान से जुड़ सकें।”
विद्यालय परिवार का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में केवल शैक्षिक विकास ही नहीं, बल्कि सामाजिक, भावनात्मक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक विकास भी सुनिश्चित करती हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह, जिज्ञासा एवं सीखने के प्रति विशेष रुचि स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
विद्यालय ने बताया कि आगामी दिनों में भी भाषा, संस्कृति, कला, विज्ञान, स्थानीय ज्ञान, तकनीकी नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को आनंदमय एवं अनुभवात्मक शिक्षण वातावरण प्राप्त हो सके।
भारतीय भाषा समर कैंप का प्रथम दिवस बच्चों के लिए सीखने, अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और आनंद का एक यादगार अनुभव सिद्ध हुआ।
शिक्षक भास्कर जोशी














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