राजकीय शिक्षकों के विशिष्ट अवकाश को लेकर स्थिति स्पष्ट, उपार्जित अवकाश की तरह नहीं होगा लागू ।

देहरादून।
राज्य के राजकीय शिक्षकों को प्रतिवर्ष मिलने वाले 03 विशिष्ट अवकाश को लेकर शासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि विशिष्ट अवकाश को उपार्जित अवकाश की भांति नहीं, बल्कि आकस्मिक अवकाशों की तरह स्वीकृत किया जाए।

शासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में जारी विभिन्न शासनादेशों के तहत राजकीय शिक्षकों, जिन्हें दीर्घावकाश अनुमन्य है, को प्रतिवर्ष 03 विशिष्ट अवकाश प्रदान किए जाते हैं। शासनादेश में यह भी स्पष्ट है कि यदि ये विशिष्ट अवकाश उपभोग में नहीं लाए जाते हैं तो वे वर्ष की समाप्ति पर संचित होंगे, किंतु उनका नकदीकरण मान्य नहीं होगा

हाल ही में दिनांक 07 जनवरी, 2026 को राजकीय शिक्षक संघ कुमाऊँ मंडल के साथ हुई वार्ता में यह तथ्य सामने आया कि कुछ जनपदों एवं विकास खंडों में इन विशिष्ट अवकाशों को उपार्जित अवकाश की तरह स्वीकृत किया जा रहा है, जो शासनादेशों के अनुरूप नहीं है।

इस पर शासन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों को दिए जाने वाले 03 विशिष्ट अवकाश, यदि उपयोग में न लाए जाएं, तो उन्हें संचित किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर आकस्मिक अवकाशों की भांति स्वीकृत किया जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा गया है।

शासन के इस स्पष्टीकरण से शिक्षकों में व्याप्त भ्रम की स्थिति दूर होने की उम्मीद है।

पत्र के मुख्य बिंदु

  1. राजकीय शिक्षकों को प्रतिवर्ष 03 विशिष्ट अवकाश अनुमन्य किए जाते हैं।

  2. यह व्यवस्था शासनादेश संख्या 196/2016, 210/2016 एवं 213/2016 के अंतर्गत लागू है।

  3. विशिष्ट अवकाश को उपार्जित अवकाश की भांति नहीं दिया जाएगा।

  4. यदि विशिष्ट अवकाश का उपभोग नहीं किया जाता है, तो वह वर्ष की समाप्ति पर संचित होगा

  5. संचित विशिष्ट अवकाश का नकदीकरण मान्य नहीं होगा

  6. कुछ जनपदों/विकास खंडों में विशिष्ट अवकाश को उपार्जित अवकाश की तरह देने की शिकायत प्राप्त हुई है।

  7. शासन ने इस व्यवस्था को शासनादेश के विपरीत माना है।

  8. विशिष्ट अवकाश को आकस्मिक अवकाशों की भांति स्वीकृत किया जाना है।

  9. सभी संबंधित अधिकारियों को अपने अधीनस्थों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

  10. इस पत्र का उद्देश्य शिक्षकों के विशिष्ट अवकाश को लेकर व्याप्त भ्रम को दूर करना है।

शिक्षक भास्कर जोशी 

(शिक्षा से सूचना तक )


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