नई दिल्ली/राज्य मुख्यालय:
राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल विकास को बढ़ाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। **"मिशन कर्मयोगी"** के तहत अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को **iGOT (Integrated Government Online Training)** प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन कोर्स पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यदि कर्मचारी निर्धारित कोर्स पूरे नहीं करते हैं, तो उनके **वेतन (Salary)** रोके जाने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
### **प्रमुख नियम और शर्तें**
* **3 कोर्स अनिवार्य:** प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम 3 ऑनलाइन कोर्स पूरे करने होंगे।
* **वेतन से जुड़ा नियम:** वेतन जारी होने से पहले प्रमाणपत्र (Certificate) की जांच की जाएगी। DDO (आहरण-वितरण अधिकारी) स्तर पर इसका सत्यापन अनिवार्य होगा।
* **APAR में जुड़ाव:** कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (APAR) में भी इस ट्रेनिंग के डेटा को जोड़ा जाएगा, जो भविष्य में प्रमोशन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
* **समय सीमा:** यह नियम वर्ष **2026-27** से पूर्णतः लागू माना जाएगा।
### **iGOT प्लेटफॉर्म की विशेषताएं**
यह एक आधुनिक ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रणाली है जिसमें 100 से अधिक कोर्स उपलब्ध हैं। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है:
1. **डिजिटल स्किल्स:** तकनीकी रूप से सक्षम बनाना।
2. **प्रशासन और नेतृत्व:** सरकारी कामकाज में कुशलता लाना।
3. **कार्यप्रणाली:** पारदर्शी और तेज सेवा सुनिश्चित करना।
> **नोट:** हर कोर्स के अंत में एक परीक्षा होगी, जिसे उत्तीर्ण करने के बाद ही डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त होगा।
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### **कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए निर्देश**
संबंधित विभाग द्वारा कोर्स का लिंक वेब पेज पर उपलब्ध करा दिया गया है। लिंक ओपन करने पर आपको अपने मोबाइल में **iGOT App** डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आप अपनी लॉगिन आईडी से पंजीकरण कर कोर्स शुरू कर सकते हैं और प्रत्येक मॉड्यूल का सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं।
### **सरकार का उद्देश्य**
सरकार का मानना है कि इस कदम से सरकारी कामकाज में तेजी आएगी, पुराने सिस्टम की कमियां दूर होंगी और डिजिटल इंडिया के सपने को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली कर्मचारियों को अधिक जवाबदेह और कुशल बनाएगी।
**सतर्क रहें:** समय रहते अपने अनिवार्य कोर्स पूरे करें ताकि आपके वेतन और सेवा रिकॉर्ड में कोई बाधा न आए।
शिक्षक भास्कर जोशी ।

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