उत्तराखंड के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने और कार्य दिवसों को व्यवस्थित करने के लिए शासन स्तर पर एक व्यापक योजना तैयार की गई है। इस नए बदलाव के तहत स्कूलों के अवकाश कैलेंडर में बड़े संशोधन प्रस्तावित हैं, जिसका सीधा असर आगामी सत्र की छुट्टियों पर पड़ेगा।
### **छुट्टियों की समय-सीमा में संशोधन का प्रस्ताव**
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने राज्य के स्कूलों के लिए एक नया टाइम-टेबल और अवकाश नीति तैयार की है। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
* **दीर्घकालीन अवकाश में कमी:** वर्तमान में ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश के लिए कुल 48 दिन निर्धारित हैं, जिसे घटाकर अब **32 दिन** करने की सिफारिश की गई है।
* **विशेष अवकाश पर विचार:** शिक्षकों को वर्ष 2016 से मिलने वाले **तीन विशेष अवकाशों** को समाप्त करने का सुझाव दिया गया है। इसके बदले में शिक्षकों को अन्य लाभ देने पर विचार किया जा रहा है।
### **शिक्षकों के लिए 'अर्जित अवकाश' (EL) की नई व्यवस्था**
अवकाश में कटौती के बदले शिक्षकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। शिक्षक संगठनों की पुरानी मांग को देखते हुए एक नया फॉर्मूला प्रस्तावित है:
1. **11 दिन का उपार्जित अवकाश:** अभी शिक्षकों को वर्ष भर में मात्र 1 EL (Earned Leave) मिलती है। नए प्रस्ताव के लागू होने पर शिक्षकों को कुल **11 दिन की EL** मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
2. **लचीली व्यवस्था:** विशेष अवकाश और लंबी छुट्टियों को कम कर उन्हें अर्जित अवकाश में बदलने से शिक्षकों को अपनी जरूरत के हिसाब से छुट्टियां लेने की सुविधा मिल सकेगी।
### **शासन स्तर पर समीक्षा जारी**
शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने जानकारी दी है कि वर्तमान अवकाश व्यवस्था में संशोधन के सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव पर कुछ आपत्तियां जताई थीं, जिनका शिक्षा विभाग ने विस्तार से जवाब भेज दिया है। अब इस पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।
### **शिक्षक संगठनों का रुख**
राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इस बदलाव का सकारात्मक स्वागत किया है। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि दीर्घकालीन अवकाश को कम करके शिक्षकों को विधिवत अर्जित अवकाश (EL) की सुविधा दी जाती है, तो यह स्वागत योग्य कदम होगा। इससे न केवल शिक्षकों को लाभ होगा, बल्कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी अधिक सुचारू रूप से चल सकेगा।
शिक्षक भास्कर जोशी ।


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