देहरादून | 16 अप्रैल 2026
उत्तराखंड के शैक्षिक परिदृश्य को डिजिटल क्रांति से जोड़ने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। NCERT दिल्ली और CIET दिल्ली के तत्वावधान में, SCERT उत्तराखंड (देहरादून) परिसर में "PM eVIDYA 200 DTH TV Channels" के अंतर्गत 5 दिवसीय 'कंटेंट अभिमुखीकरण-सह-प्रशिक्षण कार्यशाला' का शानदार शुभारंभ हुआ।
दिग्गज नेतृत्व में हुआ उद्घाटन
कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि NCERT के निदेशक श्री दिनेश प्रसाद सकलानी एवं CIET के संयुक्त निदेशक श्री अमरेंद्र बेहरा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में SCERT उत्तराखंड के अपर निदेशक पदमेन्द्र सकलानी ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर NCERT निदेशक श्री दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि:
"PM eVIDYA प्रधानमंत्री की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य देश के अंतिम छोर पर बैठे विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए यह तकनीक एक वरदान साबित होगी।"
प्रशिक्षण के मुख्य आकर्षण
यह कार्यशाला CIET NCERT और SCERT उत्तराखंड के बीच एक Joint Collaboration (संयुक्त सहयोग) है। अगले पाँच दिनों तक चलने वाले इस सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम में:
प्रतिभागी: उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों से आए डाइट (DIET) के टीचर एजुकेटर्स और विभिन्न विद्यालयों के चयनित शिक्षक भाग ले रहे हैं।
मुख्य उद्देश्य: शिक्षकों को E-Content Generate करने और उसे निर्मित करने की बारीकियों से अवगत कराना।
तकनीकी सत्र: प्रतिभागियों को स्टूडियो रिकॉर्डिंग, कंटेंट निर्माण, और DTH चैनलों के प्रभावी उपयोग के लिए व्यावहारिक (Practical) प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विशेषज्ञ संवाद और तकनीकी प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान CIET के एसोसिएट प्रोफेसर अभय कुमार ने PM eVIDYA के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। साथ ही, बाइजेक (BISAG-N) के विशेषज्ञों द्वारा एक तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें प्रसारण और कंटेंट डिलीवरी की जटिल प्रक्रियाओं को सरल ढंग से समझाया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल संचालन राज्य समन्वयक पुष्पा असवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंच पर अपर निदेशक मेहरबान सिंह बिष्ट तथा उपनिदेशक अजीत भण्डारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपनिदेशक अजीत भण्डारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह कार्यशाला उत्तराखंड के शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और राज्य के स्वयं के 5 आवंटित चैनलों के लिए उच्च स्तरीय शिक्षण सामग्री तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी।
अधिक जानकारी के लिए देखें:
www.educationforall.in







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